


हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। इस्लामिक कैलेंडर के नये साल से शुरू होने वाला दस दिवसीय आयोजन मोहर्रम शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो गया। जिसमें जगह जगह सजावट, लाउडस्पीकरों पर बजती मातमी धुनें और जगह जगह होने वाले लंगर और सबीलों के साथ सम्पन्न हुआ। बीती रात यानि नौ मोहर्रम को कोतवाली क्षेत्र के अधिकांश गावों में अलाव यानि आग का मातम किया गया उसके बाद ताजिया निकाले गए जो सुबह होते होते अपने गंतब्य स्थान पर लौट आए। शुक्रवार यानि दस मोहर्रम आसूरा के दिन दोपहर बाद ताजिया निकाले गए जो अपने परम्परागत तरीके से परम्परागत मार्गों से होकर देररात तक करबला पहुंचे जहाँ पर नम आखों के साथ ताजिया सुपुर्द ए आब किए गए। इस दौरान पूरे कस्बे में जगह जगह पर इमाम चौकों और जुलूस के रास्तों को सजाया गया और जगह जगह पर डीजे पर मातमी धुनें और करबला की दास्तानें सुनाई देती रहीं इस दौरान जगह जगह पर भारी लंगर, शरबत, सबील और शीतल पेय का इंतजाम किया गया था। जबकि कुछ स्थानों पर आसूरा का रोजा रखने वाले रोजेदारों के लिए इफ्तार का भी इंतजाम किया गया था। जुलूस में उमडने वाली हजारों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से डटा रहा और पुलिस के अधिकारी लगातार जुलूस के आगे पीछे चलकर स्थिति देखते रहे वहीं साफ सफाई को लेकर नगर पालिका ने भी मुस्तैदी दिखाई जबकि जुलूस के रास्तों पर पडने वाले तारों को देखते हुए बिजली विभाग की टीम टुकडियों में ताजियों के साथ रही। इसके अतिरिक्त कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कम्हरिया, मांचा, नरायच, भमौरा, मदारपुर, परछा, पढोरी, गुसियारी सहित अन्य गावों में भी ताजिया निकाले गए जो देरशाम तक करबला पहुंचते रहे।